पुलिस दोनों तस्करों से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है
हावड़ा। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से शराब की तस्करी करने की कोशिशों पर नकेल कसते हुए पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हावड़ा रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए बिहार शराब ले जाने की फिराक में लगे दो तस्करों को पुलिस ने स्टेशन के सबवे से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 30 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है। पुलिस को अंदेशा है कि इस अवैध धंधे के पीछे कोई बड़ा और संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसकी तलाश में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
गोलाबाड़ी थाना पुलिस को सोमवार को यह गुप्त सूचना मिली थी कि हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या सात से सटे सबवे के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप बिहार भेजी जाने वाली है। खबर मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने सादे कपड़ों में सबवे के आसपास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान दो संदिग्ध युवकों को बैग के साथ आते देख जब उन्हें रोककर तलाशी ली गई, तो उनके पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम श्याम बाबू और गणेश साव हैं, जो मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह शराब कोलकाता के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र बड़ा बाजार से खरीदी थी और इसे ट्रेन के माध्यम से बिहार ले जाने की योजना थी। हालांकि, ट्रेन पकडऩे से पहले ही गोलाबाड़ी थाना पुलिस ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी के कारण बंगाल से शराब खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचना एक फलता-फूलता अवैध कारोबार बन चुका है। पुलिस का मानना है कि पकड़े गए दोनों युवक केवल सप्लाई चेन की एक कड़ी हैं। इस गिरोह के पीछे कोलकाता के विक्रेताओं से लेकर बिहार के मुख्य सरगना तक कई लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस दोनों तस्करों से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।